विद्यालय का नाम शास.पूर्व माध्यमिक शाला पोटापानी,विख.पाली,जिला कोरबा(छःग)है।यह विद्यालय बिलासपुर-कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.130 पर डूमरकछार चौक पाली से उत्तर दिशा में 5 किमी.की दूरी पर स्थित है।यह आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में पहाड़ की तलहटी पर स्थित है।इस विद्यालय की स्थापना 16 मार्च 1981 को ग्राम कपोट में हुई थी।इस विद्यालय के प्रथम एवं संस्थापक शिक्षक श्री रामखिलावन जायसवाल जी थे।जो प्राथ.शाला बक्साही विख.पाली से उ.व्.शि. के रूप में पदोन्नत होकर आये थे।ये ग्राम बक्साही के ही मूल निवासी थे। ये 3 जुलाई 1982 तक यहां पदस्थ रहे।इस विद्यालय के प्रथम छात्र श्री समारूदास महंत थे।जो वर्तमान में ग्राम पंचायत कपोट के कोटवार हैं।यह विद्यालय 16 मार्च 1981 से 30 अप्रैल 1981 तक प्राथ.शाला कपोट में संचालित होता रहा;तत्पश्चात 1 जुलाई 1981 से ग्राम पोटापानी की गुड़ी में संचालित होने लगा।यह विद्यालय 5 नवम्बर 1981 तक माध्यमिक शाला कपोट के नाम से संचालित होता रहा ;फिर कार्यालय जिलाध्यक्ष आ.क.वि. बिलासपुर के आदेश क्रमांक/39/ शिक्षा/1981/14796/ दिनांक् 30/09/1981/ के अनुसार माध्यमिक शाला कपोट के स्थान पर पोटापानी में 6 नवम्बर 1981 से माध्यमिक शाला पोटापानी के नाम से संचालित होने लगा।यह विद्यालय 2 विद्यार्थियों से शुरू हुआ।श्री भंवरसाय यादव एवं महेत्तर राम कैवर्त इस विद्यालय में कक्षा 6 वीं पढ़ने वाले एवं पास होने वाले पहले विद्यार्थी थे।विद्यालय को कपोट से पोटापानी लाने में स्व.श्री धरम सिंह भूतपूर्व सरपंच का अभूतपूर्व योगदान रहा।श्री जायसवाल सरजी दिनांक 03/07/1982 को माध्यमिक शाला पोटापानी का प्रभार श्री कल्याण सिंह ओरकरे प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पोटापानी को प्रदान करके अन्यत्र स्थानांतरित होकर चले गए। श्री ओरकरे सर जी दिनांक 03/07/1982 से 26/08/1982 तक प्रभारी प्रधान पाठक रहे। पश्चात इस विद्यालय को सजाने , संवारने एवं नया आयाम दिलाने में तत्कालीन शिक्षकत्रय श्री के.एस. मसराम,श्री पी. आर.निराला एवं श्री आर.एस. यादव जी का अविश्मरणीय योगदान रहा है। 8 वीं बोर्ड प्रथम बैच सन 1984 में दर्ज 7 बैठे 5,उत्तीर्ण 5 परीक्षाफल शतप्रतिशत रहा।छात्र धीरसाय/फगुन सिंह 59.2 % अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान आया।विद्यालय के पूर्व प्रधान पाठक स्व.श्री एस. एस. जगत का विद्यालय के विकास में उल्लेखनीय योगदान रहा है।उनके प्रयास
से विद्यालय प्रांगण का समतलीकरण,सांस्कृतिक मंच,
कर्मदक्ष के सहयोग से जलवाहित शौचालय निर्माण,स्टेट बैंक पाली के सौजन्य से वाटर फिल्टर टंकी,सीलिंग फेन इत्यादि सुविधाएँ विद्यालय को प्रदान करायी गयी।माध्य. शाला का हाईस्कूल में उन्नयन करवाने में भी उनका योगदान रहा है।


Very nice.
ReplyDeleteGive another information about your school.
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ReplyDeleteVery nice sir ji
ReplyDeleteबहुत सुन्दर और सराहनीय है।
ReplyDeleteप्रोत्साहित करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद,सरजी।
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